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किडनी मरीजों के इलाज में नया शोध, बिना डायलिसिस और ट्रांसप्लांट के अब इलाज संभव

दिनांक 2 मार्च 2022 दिन बुधवार को इंदौर स्थित देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में किडनी मरीजों के बेहतर इलाज के लिए रीनल केयर सेंटर का शुभारंभ किया गया। रीनल केयर सेंटर का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश विधानसभा सदस्य व् पूर्व कैबिनेट मंत्री पारस चंद्र जैन द्वारा किया गया। इस दौरान किडनी मरीज व् उनके परिजनों के बीच जागरूकता फ़ैलाने के ख्याल से ‘डोंट रिप्लेस रीग्रो, अभियान भी शुरु किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश विधानसभा सदस्य व् पूर्व कैबिनेट मंत्री पारस चंद्र जैन ने कहा कि इंदौर में शुरू हो रहे रीनल केयर सेंटर किडनी मरीजों के लिए वाकई वरदान है। इलेक्ट्रो होम्योपैथी के माध्यम से डॉ. अजय हार्डिया ने जिस शोध को किया है इससे किडनी मरीजों को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिले इसकी कामना करता हूँ। आगे पारस चंद्र ने कहा कि मौजूदा दौर में किडनी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है जो स्वास्थ्य जगत में योगदान दे रहे चिकित्स्कों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में इलेक्ट्रो होम्योपैथी की यह शोध तमाम चिकित्सा जगत के लिए मार्ग दर्शन का कार्य करेगा। आगे उन्होंने इस बड़ी उपलब्धि के लिए देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की पूरी टीम को बधाई दिया।


इस अवसर पर देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. अजय हार्डिया ने कहा कि लंबे समय से हमें इंतज़ार था कि भारत में एक ऐसा किडनी अस्पताल हो जहां पर पूर्ण रूप से प्राकृतिक इलाज के माध्यम से किडनी मरीजों का इलाज किया जाये। आगे उन्होंने कहा, हमारे द्वारा स्थापित यह भारत का पहला इलेक्ट्रो होम्योपैथी का किडनी केयर सेंटर है जहां पर एक्यूट किडनी रोग, क्रॉनिक किडनी रोग, पॉलिसिस्टिक किडनी रोग, नेफ्रॉटिक सिंड्रोम, एट्रॉफी, हाइपरट्रॉफी, किडनी कैंसर, व् दुर्घटना के कारण गहरी चोट लगने से अगर किडनी में कोई तकलीफ हुई है तो इन सभी का इलाज पूर्ण रूप से प्राकृतक तरिके से किया जायेगा। डॉ. हार्डिया ने आगे कहा, इस सेंटर की विशेषता होगी कि जो किडनी मरीज आज डायलिसिस के सहारे जी रहे हैं उनका डायलिसिस धीरे धीरे खत्म कर उनके किडनी को प्राकृतक तरिके से रीग्रो करके उन्हें जीवन का वरदान हमें देना है। आगे डॉ. हार्डिया ने कहा, आज मेडिकल क्षेत्र में जो किडनी के मरीज हैं उन्हें डायलिसिस का सहारा दिया जा रहा है यह जानते हुए कि यह कोई उपचार की प्रक्रिया नहीं है। किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस मौजूदा मेडिकल साइंस के द्वारा बढ़ाने की परम्परा रही है और किडनी मरीजों के इलाज में अगर कोई डायलिसिस कम करने की बात कर दें तो यह बात असंभव सी लगती है। इसके पीछे की वजह है कि अन्य रीनल केयर सेंटर में किडनी के इलाज के लिए सिर्फ डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट का ही सहारा लिया जाता है, मगर देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा स्थापित इस रीनल केयर सेंटर में आने वाले किडनी मरीजों को इलेक्ट्रो होम्योपैथी दवा व् हाइड्रो थेरेपी के माध्यम से क्यूरेटिव ट्रीटमेंट प्रोवाइड करके उनके किडनी के फंक्शन को बढ़ाया जायेगा।


संस्थान के निदेशक डॉ. अजय हार्डिया ने किडनी मरीजों के इलाज के लिए ‘डोंट रिप्लेस रीग्रो’ का मंत्र बताया और इस अभियान पर कहा कि हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है कि किडनी रोग के विरुद्ध मजबूती से स्टैंड लेकर किडनी रीग्रो करने की ओर ध्यान दें, किडनी के क्रियाकलापों को सामान्य रूप से बनाये रखने की ओर हर संभव कोशिश करते रहे। किडनी रिप्लेस या ट्रांसप्लांट जैसे विकल्प से हमें बचने की जरूरत है। यह कतई विकल्प नहीं होना चाहिए।


कार्यक्रम के दौरान देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ग्रुप आज हर रोज मानव विज्ञान की दिशा में नए कृतिमान गढ़ रहा है। इस संस्थान में स्थापित शोध विभाग ने जीवन की रक्षा हेतु ऐसे वरदान दिए हैं जिससे आज देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर विशेषकर कैंसर रोग और किडनी रोग के इलाज के लिए फिलाहल विश्व का एक केंद्र बनकर उभरा है। सीईओ मनीषा शर्मा ने आगे कहा कि डॉ. अजय हार्डिया के निर्देशन में देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की टीम ने शोधकर एक बार फिर स्वास्थ्य के क्षेत्र में इलेक्ट्रो होम्योपैथी के माध्यम से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिसका परिणाम है कि आज किडनी के इलाज में किडनी मरीजों को न कष्टदाई डायलिसिस का सहारा लेने की जरूरत है, न किडनी ट्रांप्लांट की, किडनी मरीज अब इलेक्ट्रो होम्योपैथी दवा के जरिये अपने किडनी पुनःवृद्धि करके अपने किडनी फंक्शन को सामान्य कर सकते हैं।


इस दौरान संस्थान के उप निदेशक डॉ. आशीष हार्डिया ने कहा, यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी में हासिल नए शोध के माध्यम से अब हम किडनी मरीजों का इलाज बहुत ही सामान्य रूप से करेंगे। आगे डॉ. आशीष ने कहा देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में स्थापित रीनल केयर सेंटर में किडनी मरीजों की गंभीरता को देखते हुए हर एक इंतजाम बेहतर तरिके से की गई है। साथ ही किडनी मरीजों के लिए दो डायलिसिस मशीन की भी व्यवस्था की गई है जिसका उदेश्य गंभीर सीकेडी मरीजों के सहारा बने डायलिसिस को कम करते हुए इलेक्ट्रो होम्योपैथी व् हाइड्रो थेरेपी के माध्यम से रोग मुक्त करना है। हमारा संस्थान अब यह किडनी मरीजों के लिए नया परिवार जैसा है जहां उनका विशेष रूप से ख्याल रखा जायेगा। इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. राज नंदनी हार्डिया, डॉ. योगेश उपाध्याय, विशाल हार्डिया, योगेंद्र शर्मा, धर्मेश श्रीवास्तव, राजेश बोराणा आदि लोग उपस्थित रहे।

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devi ahilya April 11, 2022 0 Comments